फ़िलिस्तीन को हेग के फ़ौजदारी न्यायालय के पर्यवेक्षक सदस्य के रूप में स्वीकार कर लिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र संघ में फ़िलिस्तीन के प्रतिनिधि रियाज़ मंसूर ने कहा है कि हेग के फ़ौजदारी न्यायालय में पर्यवेक्षक सदस्य के रूप में फ़िलिस्तीन को स्वीकार किया जाना, 1967 की सीमाओं में फ़िलिस्तीनी देश को औपचारिकता प्रदान करने के मार्ग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हेग न्यायालय में फ़िलिस्तीन का नया स्थान, अंतर्राष्ट्रीय मंच पर फ़िलिस्तीनियों की एक और विजय है और यह उनके अधिकारों की बहाली और अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन पर इस अदालत में मुक़द्दमा चलाए जाने में सहायक सिद्ध होगी। संयुक्त राष्ट्र संघ में फ़िलिस्तीन के प्रतिनिधि ने कहा कि फ़िलिस्तीन इस समय, इस अंतर्राष्ट्रीय संस्था की संपूर्ण सदस्यता की ओर अग्रसर है।
ज्ञात रहे कि वर्ष 2002 में रोम संधि के आधार पर औपचारिकता पाने वाला हेग का अंतर्राष्ट्रीय फ़ौजादारी न्यायालय, मानवता के विरुद्ध अपराध, युद्ध अपराध और जातीय सफ़ाए संबंधी मुक़द्दमों की पहली वैश्विक अदालत है। फ़िलिस्तीन मुक्ति मोर्चा या पीएलओ ने वर्ष 2009 में हेग न्यायालय से मांग की थी कि वह ग़ज़्ज़ा में ज़ायोनी शासन के युद्ध अपराधों की जांच करे।
10 दिसंबर 2014 - 06:42
समाचार कोड: 657195
फ़िलिस्तीन को हेग के फ़ौजदारी न्यायालय के पर्यवेक्षक सदस्य के रूप में स्वीकार कर लिया गया है।